#रामलीला : 130 वर्ष से बालागांव में हो रहा रामकथा का मंचन
रामलीला देखने को पहुंचे पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष

मदन गौर बालागांव हरदा।
जिस ग्राम में प्रभु की प्रभुता होती है उसी ग्राम में होते हैं धार्मिक आयोजन। बड़ी बात यह है कि आज की भागादौड़ी भरी जिंदगी में जब आदमी को पलभर की फुर्सत नहीं है, तब समय निकाल कर आधुनिक युग की चकाचौंध में भी ग्राम के युवाओं ने अपने ग्राम 130 वर्ष पुरानी विरासत को जिंदा रखा। यहां आज भी ग्राम के युवाओं द्वारा श्री रामचरित मानस पर आधारित रामलीला खेली जा रही है।
बालेश्वरधाम में होता है आयोजन –
बालागांव रामलीला मंडल के संचालक सुरेश गौऱ प्रेम नारायण ललेटिया ने बताया कि हमारे ग्राम की रामलीला 30 वर्षों से खेली जा रही है। यह जिले की सबसे लोकप्रिय रामलीला है। भगवान बालेश्वर मंदिर प्रांगण में शिवशक्ति उत्सव समिति के तत्वावधान में बालागांव रामलीला मंडल द्वारा रामलीला का आयोजन किया जाता है।
*पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष का स्वागत किया –*
इस आयोजन के दौरान मां नर्मदा के भक्त पूर्व जिला अध्यक्ष आदरणीय लक्ष्मीनारायण पवार ने बारह ज्योतिर्लिंगों एवं भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर रामलीला मंच पर रामदरवार की पूजा अर्चना कर भगवान से आशिर्वाद लिया। इस मौके पर रामलीला मंडल द्वारा श्री पवार का फूलमाला एवं शाल श्रीफल से स्वागत सम्मान किया।
*रामलीला मंडल के किरदार -*
यहां आयोजित रामलीला महोत्सव में राम का किरदार सतीश गौऱ ने निभाया। वहीं लक्ष्मण राघव गौर, सीता अभिषेक गौर, रावण रामनिवास गौर, हनुमान अजय गौर और ग्राम के कई युवा अपना किरदार बखूबी निभा रहे हैं। रामलीला प्रारंभ गणेश सरस्वती बंधना से की जाती है। व्यास गादी पर सुरेश गौर रघुवीर प्रसाद गौर ढोलक पर सुदामा बटेला एवं ग्राम के कई युवाओं और पूरे ग्रामवासियों द्वारा रामलीला को पूरा सहयोग किया जाता है।
