सिनर्जी संस्थान ने आदिवासी कपल्स को किया जागरूक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण कराया, दी जानकारी

हरदा। शिशु एवं मातृत्व स्वास्थ्य पर समुदाय में स्वास्थ्य सेवा की मदद, कुपोषण में कमी, आदिवासी यंग कपल्स (युवा माता-पिता) की क्षमता निर्माण व अपने अधिकारों की पहचान करने समुदाय में स्वास्थ्य के प्रति भूमिका बताने सिनर्जी संस्थान और क्राय संस्था के सहयोग से टिमरनी ब्लॉक के 10 गांवों में शिशु एवं मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें आदिवासी यंग कपल्स को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की विजिट कराकर पोषण पुनर्वास केंद्र की प्रक्रिया, बच्चों को कुपोषण मुक्त करने, पोषण पुनर्वास केंद्र की योजनाओं और इसके लिए पात्रता व आवश्यक दस्तावेज की जानकारी दी।

स्वास्थ्य केंद्र में साधना शर्मा ने पोषण पुनर्वास केंद्र की जानकारी देकर इसमें भर्ती कराने की प्रक्रिया बताई। डॉ. ब्रजेश थापड़ ने युवा कपल्स को क्षय रोग व इसके मरीज को विभागीय सुविधाओं के बारे में बताया। लेबर रूम इंचार्ज मोनिका ने महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच कराने और संस्थागत प्रसूति के लिए जागरूक किया। सामूहिक भ्रमण दौरान युवा दंपति ने कहा कि हम लोगों को कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने व पोषित करने के लिए जागरूक करेंगे।
कार्यक्रम समन्वयक आरिफ खान ने कहा कि आदिवासी युवा कपल्स अधिकतर अपने गांव में ही रहने से बाहरी दुनिया से काफी दूर हैं। उन्हें गांव से बाहर जाकर दुनिया जानने का मौका नहीं मिलता। सिनर्जी संस्थान द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर उन्हें प्रक्रिया जानने का मौका दिया। इससे उन्हें काफी जानकारी मिली। आदिवासी युवा कपल्स के इस सामूहिक भ्रमण में सिनर्जी संस्थान से पप्पू पवार, अनिल काजले और संजना ने महती भूमिका निभाई।
