
प्रदीप शर्मा संपादक
चौथे चरण के मतदान पश्चात मध्यप्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया पूर्ण होते ही आचार संहिता में कुछ शिथिलता आने से प्रदेश की व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर आ जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम बनने के बाद मुख्यमंत्री डाॅ.मोहन यादव को काम करने का पूरा मौका मिल पाता मगर लोकसभा चुनाव की आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से वे खुलकर काम नहीं कर पाए। अब 13 मई को होने वाले चौथे चरण के मतदान पश्चात मध्यप्रदेश में आचार संहिता कुछ शिथिल होने की संभावना है। इससे सीएम को कार्य करने के लिए फ्री हैंड मिल जाएगा।
क्या हो सकते हैं बदलाव –
ऐसा माना जा रहा है कि डॉ. यादव अपने मंत्रीमंडल में काम से नाराज कुछ मंत्रियों को हटा सकते हैं, वहीं कुछ के विभाग बदलने की भी संभावना है। इधर राज्य में चुनाव दौरान कुछ अधिकारियों की शिकायतें देखते हुए एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी भी की जा सकती है। इसमें पुलिस महकमा भी शामिल है।
निगम-मंडल बनेंगे –
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों हुए दल-बदल के बाद मंत्री मंडल में शामिल नहीं किए जा सके हैं। इससे भाजपा संगठन के मूल कार्यकर्ताओं की नाराजी देखते हुए निगम मंडलों का गठन कर उन्हें उपकृत किया जाएगा। इस पार्टी के भीतर चल रही नाराजी दूर कर प्रदेश में नई योजनाओं को लागू कर विकास की पटरी पर दौड़ाने की कवायद की जाएगी।
