
हरदा। जिला अजाक्स के अध्यक्ष रमेश मस्कोले के व्हीआरएस पश्चात रिक्त पद पर प्रदेश अध्यक्ष एवं आईएएस जेएन कंसोटिया ने संघर्षवान नेत्री सीमा निराला को मनोनीत कर जिले में पहली बार महिला नेतृत्व पर भरोसा जताया है। इसके पूर्व सीमा निराला ने संगठन की महिला विंग को संभालकर संगठन के सदस्यता अभियान को गति देकर प्रदेश नेतृत्व का ध्यान आकृष्ट किया था। प्रदेश कमान को भरोसा है कि वे संगठन के तेवर को नई धार प्रदान करेंगी।
शुरू से रही संघर्षशील
अजाक्स की नवागत अध्यक्ष सुश्री सीमा निराला शुरू से काफी संघर्षशील रही हैं। उन्होंने विभागीय स्तर पर हुए अन्याय का विरोध करते हुए प्रशासन के उच्चाधिकारियों तक अपना पक्ष बेबाकी से रखा। और न्याय हासिल किया। पूर्व अध्यक्ष रमेश मस्कोले ने बताया कि शुरुआत में उन्हें विभाग द्वारा उर्दू शाला में पढ़ाने भेज दिया। फिर उन्हें जिले में एक ऐसे स्थान पर पदस्थापना दी जहां आने-जाने के लिए वाहन की कोई सुविधा नहीं थी। मगर उन्होंने ऐसे किसी आदेश को न मानकर प्रशासन तक अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनका यह अनुभव संगठन के साथियों की न्यायिक लड़ाई में काम आएगा।
गुरूवार को संगठन की सक्रिय सदस्य ज्योति परते, समोती उईके और अनेक वरिष्ठ नेताओं ने उनके निवास पहुंचकर माला पहनाकर बधाई दी। इस मौके पर सुश्री निराला ने कहा कि मेरी कोशिश होगी कि संगठन रूपी माला के सभी पुष्पों को एकसाथ रखकर उनके हितार्थ कार्य करूं। हम शासन और प्रशासन स्तर पर अपने किसी भी साथी का अहित नहीं होने देंगे। अजाक्स वह संगठन है जिसने अपने सभी साथी सदस्यों के हितार्थ कार्य किए।
महत्वपूर्ण संगठन है अजाक्स
प्रदेश में अजाक्स (अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संगठन) महत्वपूर्ण संगठनों में गिना जाता है। इसके माध्यम से अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के हितों की बात शासन के समक्ष रखी जाती है। एक समय शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रमोशन में मिलने वाले आरक्षण को समाप्त करने पर विचार किया जा रहा था। तब अजाक्स के दबाव के चलते शासन अपने स्तर पर ऐसे किसी प्रस्ताव को नहीं ला पाया था। इस संगठन की प्रदेश कमान आईएएस अधिकारी जेएन कंसोटिया संभाल रहे हैं। जिनके मार्गदर्शन में अजाक्स सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है।