
उत्तर प्रदेश की रजिस्टर्ड संस्था ब्राह्मण परिषद ने जारी अपील में कहा है कि हर दस साल में केंद्र सरकार द्वारा जनगणना कराई जाती है। इसके तहत भारत सरकार ने ‘एनपीआर’ जनगणना करने की घोषणा की है। इसमें भारतीय नागरिकों की जनगणना की जाएगी। अतः सभी ब्राह्मण बंधु राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में जाति के कॉलम में सिर्फ ब्राह्मण लिखवाएं। इसमें दुबे, मिश्रा, तिवारी, चौबे, उपाध्याय, शुक्ला, दीक्षित, अवस्थी और कोई सरनेम आदि न लिखवाएं ताकि ब्राह्मण समाज की जनसंख्या के सही आँकड़े सरकार तक पहुँचे।
यह भी याद रखें कि इन आंकड़ों के आधार पर भारत सरकार के योजना विभाग द्वारा योजनाएं बनाई जाती हैं। इसलिए समाज के सही आँकड़े सरकार तक पहुंचे, ताकि इसका लाभ समाज को मिल सके।
संस्कृत भाषा को भी बचाएं
एक अन्य अपील में कहा गया है कि ऐसे सर्वे में संस्कृत भाषा को भी अपनी भाषा में दर्शाया जाए। अन्यथा इस देववाणी को लुप्त भाषा मानकर इसका संरक्षण नहीं हो होगा। ध्यान रहे कि हमारे सारे ग्रंथ, पौराणिक आख्यान और वेद उपनिषद आदि संस्कृत में हैं। वहीं पूजन और धार्मिक आयोजनों सहित विवाह संस्कार में संस्कृत के श्लोक पढ़े जाते हैं। यदि इस भाषा को लुप्त मान लिया गया तो स्कूल कालेज में इसकी पढ़ाई बंद होने की आशंका है। अतः भाषा के काॅलम में सभी सनातनी हिंदू अपनी मातृभाषा के साथ दूसरी भाषा संस्कृत जरूर लिखवाएं।