June 11, 2026 |

दुलिया में हो रही दुर्लभ औषधियों की फाॅर्मिंग

कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं पर कार्य कर चुके हैं डॉ.अंकुर पारे

Hriday Bhoomi 24

हरदा। मध्यप्रदेश के हरदा जिला अंतर्गत एक छोटे से ग्राम दुलिया में विशुद्ध अनुकूल पर्यावरण देकर हर्बल औषधि की खेती और निर्माण किया जा रहा है। कई अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय शोध परियोजनाओं में काम कर चुके डाॅ. अंकुर पारे के मार्गदर्शन में इस वृहद परियोजना पर कार्य कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर ग्राम-दुलिया में विशेषज्ञ डॉ.अंकुर पारे द्वारा हर्बल मेडिसिनल फार्मिंग का कार्य कर रहे है। यहां उन दुर्लभ औषधियों की भी प्राकृतिक खेती की जा रही है, जो हिमालय की शीतल वातावरण में पैदा होती हैं।सके लिए यहां ऐसी दुर्लभ वनस्पतियों को वह प्राकृतिक वातावरण दिया जा रहा है, जो इनके अनुकूल है। डॉ अंकुर पारे कहते हैं कि आज के समय में लोगों की रुचि हर्बल उत्पादों के प्रति बढ़ रही है।

इस कारण औषधीय पौधों का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में महत्व बढ़ा है। इसे देखते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय भारत सरकार द्वारा डॉ.अंकुर पारे ने एमएसएमई नंबर- MP-21-0003399 प्राप्त कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शुरू किया है, जिसके सुपरिणाम भु सामने आने लगे हैं ।
अनेक अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय शोध परियोजनाओं पर काम कर चुके डाॅ. पारे की कई पुस्तकें ‘सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ विषय पर प्रकाशित हो चुकी हैं।

वे भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त आयुर्वेदिक मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘गुरुदेव जमुना प्रसाद आयुर्वेदा’ (लाइसेंस MP /25D/22/987) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भी हैं।


Hriday Bhoomi 24

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.