
हृदयभूमि भोपाल।
विगत दिवस प्रदेश की राजधानी भोपाल में अरेरा हिल्स पर राज्यसत्ता के उच्च ठिकाने वल्लभ भवन (मंत्रालय) में तीसरी मंजिल पर शनिवार सुबह नौ बजे अचानक रहस्यमय ढंग से आग लग गई। इसे देख अफरातफरी सी मच गई। तुरंत ही फायर कंट्रोल रूम से मौके पर दमकल गाड़ियां बुलाकर आग बुझाने का काम शुरू किया। गनीमत रही कि माह का दूसरा शनिवार होने से यहां कम कर्मचारी थे जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आग इतनी भयावह थी कि इस पर काबू पाने नगर निगम के फायर स्टेशनों के अलावा, एयरपोर्ट और सेना की दमकलें भी बुलानी पड़ीं। हालात यह थे कि दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री के पुराने बैठक कक्ष तक आग पहुंच गई। इससे 4 राज्यमंत्रियों के बैठक कक्ष, मुख्यमंत्री सचिवालय की गोपनीय शाखा जलकर खाक हो गई।
जांच करेगी कमेटी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। सात सदस्यीय समिति घटना की जांच करेगी। जानकारी के अनुसार पांचवें तल पर 30 से अधिक कक्ष इसकी चपेट में आए हैं। देर शाम तक आग बुझा ली गई, लेकिन यहां लगी भीषण आग की घटना ने सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर कई सवालिया निशान लग गए हैं।
बता दें कि मंत्रालय में आग की यह पहली घटना नहीं है। सात वर्ष पहले भी मंत्रालय भवन में आग लग चुकी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारण जानने चाहे। किंतु अधिकारियों से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वहीं धरने पर बैठ गए।
सतपुड़ा भवन में आग
आपको बता दें कि नौ माह पहले सतपुड़ा भवन में लगी आग से तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे माले पर स्थित कार्यालयों में रखे सभी दस्तावेज, कंप्यूटर, टेबल, कुर्सियां और एसी समेत अन्य सामान जल गया था। इसके बाद 12 जून 2023 को सतपुड़ा भवन की छठी मंजिल पर स्थित स्वास्थ्य एवं आदिम जाति कल्याण विभाग में आग लगी थी। आग तो दूसरे दिन बुझा ली गई, लेकिन कचरा नौ माह बाद भी नहीं हटा। सरकारी भवनों में लगातार हो रही आग लगने की घटनाएं कई के सवाल खड़ा करती हैं।
यह भ्रष्टाचार की आग है: आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह करप्शन की आग है। मंत्रालय वल्लभ भवन में लगी आग को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा सरकार बताएं कि इसका दोषी कौन है? ये आग सरकारी आग है। यह भ्रष्टाचार के पाप को छुपाने की आग है। हर चुनाव के पहले मंत्रालय में आग लगना और करोड़ों के भ्रष्टाचार के दस्तावेज खाक होना संयोग नहीं है।
