#कला रंगमंच : बालागांव में आज से नौ दिवसीय भव्य रामलीला
रामकथा की प्रस्तुति देंगे कलाकार, होगा कला और तकनीकी का संयोजन

मदन गौर हरदा।
सनातन धर्म में हमारे आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सदियों से आदर्श जीवन और सहिष्णु समाज की प्रेरणास्रोत हैं। हजारों वर्षों से उनकी महिमा का बखान अनेक साधु-संत और मनीषी करते आए हैं। दुनियाभर में रामलीला का मंचन उनकी गाथाओं का दृश्य आख्यान है। इसी उद्देश्य से जिले के ग्राम बालागांव में शिवशक्ति रामलीला मंडल द्वारा रामलीला की संगीतमयी प्रस्तुति दी जाएगी।
आज से शुरू भव्य रामलीला –
बालागांव बालेश्वर धाम की धरा पर शिवमन्दिर के प्रांगण में 26 दिसंबर 2024 गुरुवार रात्रि 8 बजे से नौ-दिवसीय रामलीला शुरू होगी। इसके प्रथम दिवस शंकर विवाह कथा का मंचन होगा। इसके बाद हर दिन अलग-अलग चरणों में रामजन्म से लेकर रावण वध और अयोध्या में राज्याभिषेक की लीला का मंचन होगा। इसकी पूर्णाहुति आगामी 3 जनवरी 2025 को होगी।
अभिनय और तकनीक की जुगलबंदी-
राधेश्याम रामायण पर आधारित शिवशक्ति रामलीला बालागांव के मंचन में शैली का मिला-जुला रूप दिखाई देगा। इसमें शुरुआती दृश्यों से ही कलाकारों के अभिनय क्षमता और तकनीक की जुगलबंदी दर्शनीय रहेगी। ज्ञात रहे शिवशक्ति रामलीला मंडल बालागांव अध्यक्ष के निर्देशन में बालागांव के स्थानीय कलाकारों का शानदार अभिनय और मंचन सदैव यादगार रहता है।
इसमें राधेश्याम रामायण पर आधारित तर्ज अर्थ छंद बहरत चबोला के बीच कलाकारों द्वारा प्रति दिन रात को तीन घंटे में एक खेल का मंचन कर दिखाएंगे। ढोलक की थाप मंजिरा की झंकार हरमौनियम का स्वर की रामायण की चौपाई गायन शैली से दर्शकों को आकर्षित किया जाऐगा।
इससे पहले मुख्य अतिथियों द्वारा सभी पात्रो के साथ रामलीला का शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान बालागांव ग्राम के स्थानीय कलाकार एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहेंगे।
