
हरदा। सर्वाधिक वनों में अग्रणी मध्यप्रदेश में वन विभाग द्वारा व्यवस्था बखूबी संभालकर टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट व घड़ियाल स्टेट का तमगा दिलाया है। मगर व्यवस्था के रखवाले अमले की समस्याओं में सरकार दिलचस्पी नहीं दिखा रही। नाराज अमले ने आंदोलन की चेतावनी दी है।मुकेश रघुवंशी, वृत्त प्रतिनिधि मध्य प्रदेश रेंजर्स एसोसिएशन नर्मदापुरम ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा जायज मांगें नजरंदाज की जा रही है। यदि एक सप्ताह में ये पूरी न हुई तो मप्र रेंजर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शिशुपाल अहिरवार के नेतृत्व में रेंज ऑफीसर्स कलमबंद हड़ताल को बाध्य होंगे। ज्ञात हो प्रदेश में 1194 रेंजर, 1258 डिप्टी रेंजर, 4194 वनपाल, 14024 वनरक्षक के साथ 20670 कार्यपालिक अमला व 4708 लिपिक कर्मचारियों के साथ 25378 की संख्या में वनअमले द्वारा 15 हजार 728 संयुक्त वन प्रबंधन (जेएफएम) का संचालन किया जाता है। इस विराट वन अमले ने आंदोलन किया तो व्यवस्था बिगड़ते देर नहीं लगेगी।
