
# प्रदीप शर्मा सीनियर जर्नलिस्ट
देश भर में लाड़ली लक्ष्मी योजना को सराहना पश्चात हाल ही लागु हुई लाड़ली बहना योजना भी कामयाबी के झंडे फहरा रही है। इससे गरीब, मध्यम और निम्न आयवर्गीय घरेलू महिलाओं के जीवन में नई आशाओं का संचार होगा। जिस तरह कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बहनाओं का लाड़ मिला, उससे उत्साहित सीएम ने महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने का मन बना लिया है।
इसके तहत श्री चौहान ने योजना को विस्तार देकर पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री आवास योजना को लाड़ली बहना आवास योजना का रूप देकर मकान और स्व सहायता समूह योजना से उन्हें रोजी का सपना दिखाया है। इसमें कहीं कोई कमी नहीं है, न नीयत में कोई फर्क है और न ही मंशा में कमी।

– मगर प्रदेश सरकार को इसके क्रियान्वयन में यह ध्यान देना होगा कि पूर्व की मुख्यमंत्री आवास योजना तथा स्वसहायता योजनाएं लोगों के जीवन में पहले भी कोई बदलाव नहीं ला पाई हैं। समय पर शासन का अनुदान न मिलने से इन योजनाओं का कर्ज चुकाने में हितग्राहियों की हालत बिगड़ी वहीं समूहों का लोन चुकाने में महिलाएं कर्जदार बनी। हरदा जिले में बने एक ऐसे ही महिला समूह द्वारा बस संचालन की फांस ने महिलाओं को कर्ज के भंवर में फंसा दिया था।
अत: गीत नया और राग पुराना न रहे, सरकार को ध्यान देना होगा।
