-
- सवालात तो ढेर सारे हैं
मिजाज क्या हैं टिमरनी के
हवा तो बहुत बनाई कि जीतेंगे तो यह करेंगे, वह करेंगे, हम मंत्री बनेंगे। मगर सब हो गया एक बंटाढार के कारण। उसका खुलासा करेंगे हम उनके बारे में जो रंनिया रंगबसिया है।
इस बेल्ट की खासियत यह है कि यहां पुरातनपंथियों को गले लगाने की परंपरा अब खत्म सी हो गई है। सो इन सयाने लोगों को सबक सिखाने की घड़ी आ गई है। बस इंतजार करें जनता-जनार्दन के उस फैसले का। जब बुढ़ियाती दुनिया से कहीं देर चलेंगे हम।
- सवालात तो ढेर सारे हैं
Get real time updates directly on you device, subscribe now.
working in journalism since 40 years ago. worked in so many news papers of MP and wrote articles in National media.
Comments are closed.