
प्रदीप शर्मा, हरदा।
पहचानें यह जगह कौन सी है। यह नजारा कहां का है। नहीं पहचाने न!
यह ताजा दृश्य नमामि गंगे अभियान के बाद हरदा शहर के मध्य मानपुरा पुल के समीप नदी का है, जहां बजबजाते कचरे के ढेर में अजनाल नदी दम तोड़ रही है। यहां पुल के ओर से छोर तक काफी लंबे एरिए में प्लास्टिक पन्नियों व जल को प्रदूषित करने वाली अन्य सामग्रियों के ढेर ने शहर की इस जीवनरेखा को लगभग लील लिया है।
आपको बता दें बीते दिनों नमामि गंगे अभियान के तहत पेड़ीघाट पर व्यवस्था का मुआयना करने पहुंचे जिले के मुखिया कलेक्टर आदित्य सिंह ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए थे कि साफ-सफाई कराके इसका पुनरुद्धार कराया जाए।
इसके बाद अजनाल को शहर की जीवनरेखा का नाम देकर घाट पर साफ-सफाई कर महाआरती भी की गई। मगर स्थानीय प्रशासन ने दिखावे की कार्रवाई तो की, मगर नाले का शक्ल ले चुकी अजनाल को अपने ही पुराने हाल पर रख इसका उद्धार करने की फिक्र नहीं की। आज सतपुड़ा की पहाड़ियों से निकलकर नर्मदा में विलीन होने वाली अजनाल बीच राह में किसी नाले का रूप लेकर दम तोड़ रही है।
पता नहीं कब कोई इसकी सुध लेने आगे आएगा। याद रहे गुजरात की साबरमती नदी की साफ-सफाई कराके उसे सदानीरा बनाने के प्रयास कामयाब हुए थे। मगर मध्यप्रदेश के हरदा जिले में ऐसी अनेक नदियां लगभग दम तोड़ चुकी हैं।
